24 July 2026 Current Affairs in Hindi

दोस्तों नमस्कार! दोस्तों प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC, Railway, BPSC आदि) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए दैनिक समसामयिकी का ज्ञान होना बेहद जरूरी है। इस पोस्ट में हम “24 July 2026 Current Affairs in Hindi” के तहत हाल ही की सभी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, खेल और विज्ञान से जुड़ी घटनाओं पर चर्चा करेंगे।

24 July 2026 Current Affairs in Hindi

Table of Contents

राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स – 24 July 2026 Current Affairs in Hindi

लखनऊ में भारत की पहली नाइट सफारी परियोजना को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी

जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित कुकरैल आरक्षित वन में विकसित की जा रही भारत की पहली और विश्व की पांचवीं नाइट सफारी परियोजना को अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी। लगभग 855 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,510 करोड़ रुपये है।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं : 

  • क्षेत्रफल और लागत: यह परियोजना 855 एकड़ में विकसित की जाएगी। इसके पहले चरण पर लगभग 631 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
  • दो चरणों में विकास:
    • पहले चरण में नाइट सफारी और इको-टूरिज्म जोन का निर्माण किया जाएगा।
    • दूसरे चरण में एक आधुनिक डे जू (Day Zoo) विकसित किया जाएगा।
  • पर्यावरण संरक्षण: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार परियोजना क्षेत्र का 71 प्रतिशत भाग हरित क्षेत्र के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। साथ ही, वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अत्यधिक रोशनी और शोर पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।
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बिहार की पहली ‘नदी जोड़ो’ परियोजना का शुभारंभ

बिहार के मुख्यमंत्री ने 19 जुलाई 2026 को राज्य की पहली ‘नदी जोड़ो’ परियोजना बेलवा–मीनापुर लिंक चैनल का उद्घाटन किया। लगभग 68.80 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का उद्देश्य बागमती नदी के अतिरिक्त जल को बूढ़ी गंडक नदी तक पहुंचाकर बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। इस परियोजना के निर्माण पर लगभग 130.88 करोड़ रुपये की लागत आई है।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं :

  • लागत और लंबाई: परियोजना की कुल लागत 130.88 करोड़ रुपये है तथा इसकी लंबाई 68.80 किमी है।
  • मार्ग: यह लिंक चैनल शिवहर के बेलवा घाट से शुरू होकर मुजफ्फरपुर के मीनापुर तक फैला है।
  • मुख्य उद्देश्य: बागमती नदी के अतिरिक्त बाढ़ के पानी को बूढ़ी गंडक नदी में मोड़कर जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना।

संभावित लाभ :

  • बाढ़ नियंत्रण: उत्तरी बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ के दबाव में कमी आएगी।
  • सिंचाई सुविधा: किसानों को खेती के लिए अधिक जल उपलब्ध होगा, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि की संभावना है।
  • अन्य लाभ: परियोजना से भूजल स्तर में सुधार, जल संरक्षण और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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‘मिशन गोल्डन स्पाइस’ के तहत लाकाडोंग हल्दी को मिलेगा वैश्विक पहचान

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने 21 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में जीआई-टैग प्राप्त लाकाडोंग हल्दी के लिए ‘मिशन गोल्डन स्पाइस’ का शुभारंभ किया। लगभग ₹175.45 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य मेघालय की प्रसिद्ध लाकाडोंग हल्दी को वैश्विक स्तर पर एक प्रीमियम मसाला ब्रांड के रूप में स्थापित करना है।

मिशन की प्रमुख विशेषताएं :

  • बजट और अवधि: इस योजना पर ₹175.45 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसे 2026 से 2030 तक दो चरणों में लागू किया जाएगा।
  • उच्च करक्यूमिन मात्रा: लाकाडोंग हल्दी में 7% से 12% तक प्राकृतिक करक्यूमिन पाया जाता है, जो वैश्विक औसत की तुलना में लगभग तीन से चार गुना अधिक है।
  • खेती का विस्तार: परियोजना के तहत हल्दी की खेती का क्षेत्र 2,600 हेक्टेयर से बढ़ाकर 7,000 हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा गया है।

संभावित लाभ :

  • किसानों को लाभ: इस पहल से 17,500 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जिनमें लगभग 99 प्रतिशत महिलाएं हैं।
  • रोजगार के अवसर: महिला-केंद्रित इस परियोजना के माध्यम से लगभग 3,000 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है।
  • वैश्विक ब्रांडिंग: मिशन का उद्देश्य लाकाडोंग हल्दी के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को मजबूत बनाकर इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक उच्च गुणवत्ता वाले मसाले के रूप में स्थापित करना है।

अंतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स – 24 July 2026 Current Affairs in Hindi

भारत ने WTO के मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते (AFS) को दी औपचारिक स्वीकृति

भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते (Agreement on Fisheries Subsidies – AFS) के लिए अपना स्वीकृति पत्र (Instrument of Acceptance) जमा कर दिया है। इसके साथ ही भारत इस समझौते को स्वीकार करने वाला 123वाँ सदस्य देश बन गया है।

प्रमुख बिंदु : 

  • पहला पर्यावरण-केंद्रित WTO समझौता: AFS को जून 2022 में जिनेवा में आयोजित 12वें WTO मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC12) के दौरान सर्वसम्मति से अपनाया गया था। यह पर्यावरणीय स्थिरता पर केंद्रित WTO का पहला बहुपक्षीय समझौता माना जाता है।
  • समझौते का प्रभावी होना: WTO के दो-तिहाई सदस्य देशों की मंजूरी मिलने के बाद यह समझौता 15 सितंबर 2025 से आधिकारिक रूप से लागू हो गया।
  • दायरा और अपवाद: यह समझौता केवल समुद्री प्राकृतिक मत्स्यन (Marine Wild-Capture Fishing) और उससे संबंधित गतिविधियों पर लागू होता है। जलीय कृषि (Aquaculture) तथा अंतर्देशीय मत्स्य पालन (Inland Fisheries) को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
  • हानिकारक सब्सिडी पर रोक: समझौते के तहत अवैध, असूचित और अनियमित (IUU) मत्स्यन तथा अत्यधिक दोहन वाले मत्स्य भंडारों से जुड़े कार्यों के लिए दी जाने वाली सरकारी सब्सिडी पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसका उद्देश्य बड़े औद्योगिक मत्स्य बेड़ों द्वारा समुद्री संसाधनों के अत्यधिक दोहन को नियंत्रित करना है।
  • वैश्विक परिदृश्य: WTO के अनुसार, वर्तमान में विश्व के लगभग 37.7% समुद्री मत्स्य भंडार अत्यधिक दोहन की स्थिति में हैं, जबकि वर्ष 1974 में यह आंकड़ा केवल 10% था। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारों द्वारा प्रतिवर्ष दी जाने वाली लगभग 35 अरब अमेरिकी डॉलर की सब्सिडी इस समस्या को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • छोटे मछुआरों को लाभ: औद्योगिक स्तर पर दूरस्थ समुद्री क्षेत्रों में संचालित बड़े मत्स्य बेड़ों को मिलने वाली अत्यधिक वित्तीय सहायता पर नियंत्रण से प्रतिस्पर्धा अधिक संतुलित होगी। इससे भारत के पारंपरिक और छोटे तटीय मछुआरों की आजीविका, रोजगार और खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
  • भारत के समुद्री निर्यात पर प्रभाव: चूंकि जलीय कृषि को इस समझौते से बाहर रखा गया है, इसलिए भारत के प्रमुख समुद्री निर्यात उत्पाद झींगा (Shrimp) पर इसका प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके विपरीत, यह समझौता वैश्विक बाजार में भारत की विश्वसनीयता और सतत मत्स्य प्रबंधन की छवि को और मजबूत करेगा।

चीन ने ‘वर्ल्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (WAICO)’ की स्थापना की

चीन ने शंघाई में ‘वर्ल्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (WAICO)’ की औपचारिक शुरुआत की है। इस नए अंतरराष्ट्रीय संगठन में 29 संस्थापक सदस्य देश शामिल हैं तथा इसका स्थायी मुख्यालय शंघाई में स्थापित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भारत इस संगठन का संस्थापक सदस्य नहीं है।

WAICO से जुड़े प्रमुख तथ्य : 

  • मुख्यालय: इस संगठन का मुख्यालय शंघाई (चीन) में स्थित होगा।
  • स्थापना: WAICO की स्थापना की घोषणा जुलाई 2026 में आयोजित वर्ल्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉन्फ्रेंस (WAIC) के दौरान की गई, जहां 29 देशों ने इसके गठन संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • प्रमुख सदस्य देश: संगठन के संस्थापक सदस्यों में चीन, रूस, पाकिस्तान, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया सहित कई अन्य देश शामिल हैं।
  • मुख्य उद्देश्य: WAICO का लक्ष्य वैश्विक दक्षिण (Global South) और विकासशील देशों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना, तकनीकी क्षमता विकसित करना तथा समावेशी और जिम्मेदार AI विकास को प्रोत्साहित करना है।

भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) की तीसरी मंत्रीस्तरीय बैठक संपन्न

15 जुलाई 2026 को ब्रुसेल्स (बेल्जियम) में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (Trade and Technology Council – TTC) की तीसरी मंत्रीस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक प्रौद्योगिकी सहयोग तथा लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना था।

बैठक के प्रमुख बिंदु :

  • प्रमुख सहयोग क्षेत्र: दोनों पक्षों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, क्वांटम प्रौद्योगिकी और 6G जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
  • भारतीय प्रतिनिधिमंडल: बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व डॉ. एस. जयशंकर, पीयूष गोयल और जितिन प्रसाद ने किया।
  • रणनीतिक उद्देश्य: भारत और यूरोपीय संघ ने नवाचार, डिजिटल परिवर्तन, सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखलाओं तथा उन्नत प्रौद्योगिकी साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
  • अगली बैठक: व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की चौथी मंत्रीस्तरीय बैठक वर्ष 2027 में नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी।

खेल जगत – 24 July 2026 Current Affairs in Hindi

23वें राष्ट्रमंडल खेल 2026 का ग्लासगो में आगाज़

23वें राष्ट्रमंडल खेल 2026 का शुभारंभ आज स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हो रहा है। यह बहुप्रतीक्षित प्रतियोगिता 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएगी। उद्घाटन समारोह में भारत की ओर से भारोत्तोलक मीराबाई चानू और मुक्केबाज़ लवलीना बोरगोहेन संयुक्त रूप से तिरंगा लेकर भारतीय दल का नेतृत्व करेंगी।

प्रतियोगिता की प्रमुख जानकारी :

  • आयोजन स्थल: खेलों का आयोजन ग्लासगो (स्कॉटलैंड) के प्रमुख खेल परिसरों, जिनमें ओवीओ हाइड्रो एरीना भी शामिल है, में किया जा रहा है।
  • अवधि: राष्ट्रमंडल खेल 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक चलेंगे।
  • भारतीय ध्वजवाहक: उद्घाटन समारोह में मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन भारतीय दल की ध्वजवाहक होंगी।
  • प्रतिभागी देश: इस संस्करण में 74 देशों और क्षेत्रों के 3,000 से अधिक खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा ले रहे हैं।
  • खेलों की संख्या: इस बार प्रतियोगिता में 10 खेलों को शामिल किया गया है, जिनमें कई प्रमुख ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेल शामिल हैं।

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वी.एस. रतनवेल बने भारत के 99वें शतरंज ग्रैंडमास्टर

तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी वी.एस. रतनवेल ने जुलाई 2026 में आयोजित गुवाहाटी स्मार्ट सिटी इंटरनेशनल ओपन में 2500 एलो रेटिंग का आंकड़ा पार कर भारत के 99वें शतरंज ग्रैंडमास्टर (Grandmaster) बनने का गौरव हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारतीय शतरंज के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।

प्रमुख तथ्य : 

  • खिलाड़ी: वी.एस. रतनवेल (25 वर्ष), कोयंबटूर, तमिलनाडु।
  • टूर्नामेंट: गुवाहाटी स्मार्ट सिटी इंटरनेशनल ओपन 2026, असम।
  • ऐतिहासिक उपलब्धि: 2500 एलो रेटिंग पूरी करने के साथ वे भारत के 99वें ग्रैंडमास्टर बन गए।
  • सफलता का सफर : रतनवेल ने वर्ष 2022 में ही ग्रैंडमास्टर बनने के लिए आवश्यक तीनों जीएम नॉर्म हासिल कर लिए थे। हालांकि, निर्धारित 2500 एलो रेटिंग तक पहुंचने में उन्हें लगभग चार वर्षों का इंतजार करना पड़ा। आखिरकार गुवाहाटी में आयोजित इस प्रतियोगिता में उन्होंने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर अपना सपना पूरा किया।
  • ऐतिहासिक महत्व :  रतनवेल की इस सफलता के बाद भारत अब 100वें शतरंज ग्रैंडमास्टर के ऐतिहासिक मुकाम से केवल एक कदम दूर रह गया है। यह उपलब्धि भारतीय शतरंज की लगातार बढ़ती वैश्विक ताकत और नई प्रतिभाओं के उभरते प्रभाव को दर्शाती है।

विज्ञान – 24 July 2026 Current Affairs in Hindi

भारत की पहली इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी ‘e200X’ का प्रोटोटाइप पेश

चेन्नई स्थित The ePlane Company ने भारत की पहली इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी के प्रोटोटाइप ‘e200X (PT-01)’ का अनावरण किया है। यह अत्याधुनिक विमान रनवे की आवश्यकता के बिना सीधे ऊपर और नीचे उड़ान भरने (VTOL) में सक्षम है। कंपनी का लक्ष्य इसे 2028 तक व्यावसायिक सेवाओं के लिए उपलब्ध कराना है।

प्रमुख विशेषताएं :

    • बैठने की क्षमता: e200X में एक पायलट और दो यात्रियों सहित कुल तीन लोगों के बैठने की व्यवस्था है।
    • रेंज और गति: एक बार चार्ज होने पर यह लगभग 110 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है तथा इसकी अधिकतम गति 160 किमी/घंटा तक है।
    • आधुनिक डिजाइन: इस एयर टैक्सी का निर्माण कार्बन-फाइबर कंपोजिट सामग्री से किया गया है और इसमें 800 वोल्ट हाई-वोल्टेज पावरट्रेन का उपयोग किया गया है। इसका विंगस्पैन लगभग 8 मीटर है।

विकास और भविष्य की योजना :

  • आईआईटी मद्रास से जुड़ा स्टार्टअप: The ePlane Company, आईआईटी मद्रास में विकसित (Incubated) एक डीप-टेक स्टार्टअप है, जो उन्नत शहरी हवाई परिवहन समाधान विकसित कर रहा है।
  • व्यावसायिक संचालन: कंपनी की योजना 2028 तक e200X को व्यावसायिक रूप से लॉन्च करने की है। प्रारंभिक चरण में इसका उपयोग एयर एम्बुलेंस सेवाओं के लिए किया जाएगा, जिसके बाद इसे शहरी यात्री परिवहन में भी शामिल किया जाएगा।

भारत की पहली 100 MWh वेनेडियम रेडॉक्स फ्लो बैटरी परियोजना को मंजूरी

एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (NTPC REL) ने गुजरात के खावड़ा सोलर पार्क में देश की पहली 100 मेगावाट-घंटे (MWh) वेनेडियम रेडॉक्स फ्लो बैटरी (VRFB) आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। इस अत्याधुनिक परियोजना का निर्माण बॉन्डा इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा किया जाएगा और इसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

परियोजना की प्रमुख जानकारी :

    • परियोजना स्वामी: इस परियोजना का विकास एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (NTPC REL) कर रही है।
    • निर्माण एजेंसी: इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) का कार्य बॉन्डा इंजीनियरिंग लिमिटेड को सौंपा गया है।
    • तकनीकी सहयोग: इस परियोजना में तकनीकी साझेदार के रूप में डेलेक्ट्रिक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड (Delectrik Systems Pvt. Ltd.) सहयोग प्रदान करेगा।
    • समय-सीमा: परियोजना का अनुबंध जुलाई 2026 में जारी किया गया है। इसे 2027 तक स्थापित किया जाएगा तथा इसमें 10 वर्षों की रखरखाव सेवा भी शामिल होगी।

प्रमुख विशेषताएं :

  • पहली गैर-लिथियम उपयोगिता-स्तरीय प्रणाली: यह भारत की पहली गैर-लिथियम (Non-Lithium) उपयोगिता-स्तरीय ऊर्जा भंडारण परियोजना होगी।
  • पूर्णतः स्वदेशी समाधान: इस बैटरी प्रणाली का डिजाइन, इंजीनियरिंग और निर्माण पूरी तरह भारत में किया गया है।
  • दीर्घकालिक लाभ: वेनेडियम रेडॉक्स फ्लो बैटरी पारंपरिक लिथियम-आयन बैटरियों की तुलना में अधिक सुरक्षित, लंबी अवधि तक ऊर्जा भंडारण में सक्षम तथा अधिक टिकाऊ मानी जाती है। यह भविष्य में बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण के लिए महत्वपूर्ण समाधान साबित हो सकती है।

भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी पर ब्रिक्स कार्य समूह की 5वीं बैठक आईआईटी तिरुपति में आयोजित

20 से 22 जुलाई 2026 तक आंध्र प्रदेश के आईआईटी तिरुपति (येरपेडु परिसर) में भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी (Geospatial Technology) एवं उसके अनुप्रयोगों पर ब्रिक्स कार्य समूह की पाँचवीं बैठक आयोजित की गई। इस सम्मेलन का आयोजन भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के मार्गदर्शन में किया गया। बैठक का उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच भू-स्थानिक तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करना था।

बैठक की प्रमुख जानकारी: 

  • आयोजन अवधि एवं स्थान: यह बैठक 20–22 जुलाई 2026 के दौरान आईआईटी तिरुपति, आंध्र प्रदेश में संपन्न हुई।
  • मुख्य विषय: सम्मेलन की थीम “Building for Resilience, Innovation, Collaboration, and Sustainability” रखी गई, जिसका केंद्र बिंदु नवाचार, सहयोग, स्थिरता और आपदा-प्रतिरोधी विकास था।
  • आयोजक संस्था: इस कार्यक्रम का संचालन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार द्वारा किया गया।

प्रमुख चर्चाएं: 

  • तकनीकी सहयोग को बढ़ावा: ब्रिक्स देशों ने उपग्रह डेटा साझा करने, डिजिटल मैपिंग तथा भू-स्थानिक अवसंरचना को मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया।
  • विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग: भू-स्थानिक तकनीक के आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, शहरी नियोजन और कृषि जैसे क्षेत्रों में व्यापक उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
  • नवाचार से प्रभाव तक: बैठक के दौरान “Translating Innovation into Impact” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अनुसंधान को व्यावहारिक समाधान और नीति-निर्माण से जोड़ने पर चर्चा की गई।

पुरस्कार – 24 July 2026 Current Affairs in Hindi

अजीत डोभाल को मिलेगा लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को वर्ष 2026 के लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। यह सम्मान 1 अगस्त 2026 को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पुणे (महाराष्ट्र) में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा।

पुरस्कार से जुड़े प्रमुख तथ्य :

  • सम्मान समारोह: यह पुरस्कार 1 अगस्त 2026 को पुणे में आयोजित विशेष समारोह में प्रदान किया जाएगा।
  • सम्मान प्रदान करेंगे: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में यह सम्मान प्रदान करेंगे।
  • आयोजक संस्था: इस प्रतिष्ठित पुरस्कार का आयोजन और प्रदान लोकमान्य तिलक स्मारक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।
  • पुरस्कार स्वरूप: सम्मानित व्यक्ति को ₹1 लाख की नकद राशि, स्मृति-चिह्न तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा।

दिवस – 24 July 2026 Current Affairs in Hindi

विश्व मस्तिष्क दिवस – 22 जुलाई  

  • 22 जुलाई को ‘विश्व मस्तिष्क दिवस 2026’ मनाया गया। 
  • इस वर्ष की थीम “मस्तिष्क स्वास्थ्य सभी के लिए सुलभता” (Brain Health Access for All) रखी गई थी।

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Conclusion: 

दोस्तों इस पोस्ट में हमने “24 July 2026 Current Affairs in Hindi” के महत्वपूर्ण टॉपिक्स को बहुत ही आसान भाषा में कवर किया है। आगामी परीक्षाओं में करंट अफेयर्स के सेक्शन में बेहतर स्कोर करने के लिए इन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों का नियमित रूप से रिवीजन करना आवश्यक है।

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